My Poetry

मैं हारी, तू जीता l

तू बांध कर रख अपने ख्याल खुद में, कुछ कहने की झिझक बेझिझक कर ले lमैं आजाद कर रही हूँ अपने राज, ले सुन ले आज, और मुझ पर यकीन…

रो मत मेरी जान

रो मत मेरी जान अपने हाथों से अपनी तकदीर मिटाकर, मैं मुट्ठी में भरकर तेरे लिये खुशियाँ लाया हूँ। देख, मैं खुद की ख्वाहिशें पिछले मोड़ पर गिराकर,तेरे अरमान अपनी…

गरीबी

बच्चे का रोना रुला देता है जब कहता है, “माँ खिलौना दिला दे, मेरे पास एक भी नहीं है माँ।” माँ रोती है पर दिल हर सुनने वाले का दुखता…

सुबह जगी नहीं तो ?

एक डरावना ख्याल मन में रहता है, नींद आती है पर सोने में दिल घबराता है। कल की सुबह देखनी है पर सवाल आता है जगी नहीं तो ? क्या…

मैं बादलों को छूने ..

मैं बादलों को छूने आगे बढ़ती हूँ, और चलते चलते कहीं भीड़ में मिल जाती हूँ। उस भीड़ से बैचैन होकर सपनों की तलाश में,उस रास्ते को छोड़ कर कहीं…

आखिरी दिन

बहुत वक्त है तू कहता है तुझे तेरा आखिरी दिन दिखाई नहीं देता पर मुझे देता है मुझे तेरी आखिरी साँस सुनाई देती है आखिरी बार पलक झपकती दिखाई देती…
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